क्रोध एक सामान्य मानवीय भावना है। कुछ अध्ययनों से पता चला है कि दो महीने की उम्र के बच्चे भी क्रोध प्रदर्शित करते हैं । क्रोध किसी भी उम्र के बच्चे में पाया जाता है । जब बच्चों की जरूरतें पूरी नहीं होती है तो वे अलग-अलग तरीके से अपने क्रोध को प्रकट करते हैं । जिससे लोग उनपर ध्यान दें और उनकी बात मान जाएं । बच्चे जब थोड़॓ बड़॓ होते हैं तो उनमें ‘self ‘ / ‘स्व’ की भावना विकसित हो जाती है । वे केवल अपने बारे में सोचने लगते हैं । वे तरह-तरह से अपना क्रोध दर्शाते हैं । वे अपना क्रोध Desperation/ हताशा, Disregard/ अवहेलना या Anger/ गुस्से के रूप में व्यक्त करते हैं । आपके इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए मैं आपके समक्ष कुछ आसान से 10 Tips to control babies anger/बच्चों के गुस्से को नियंत्रित करने के 10 उपाय प्रस्तुत करूँगी । जिसे अपनाकर आप अपने बच्चे के गुस्से पर नियंत्रण पा सकते हैं ।

गुस्सा करना बच्चे के सेहत के लिए अत्यंत नुकसानदायक होता है । अक्सर बच्चे रोकर, जमीन पर लोटकर, घर के सामानों को फेंककर अपना गुस्सा प्रदर्शित करते हैं । सार्वजनिक स्थलों पर जब बच्चे ऐसा करते हैं तो माता-पिता काफी परेशान हो जाते हैं । किसी भी माता – पिता के लिए उनके बच्चे का भविष्य बहुत बड़ी चुनौती होती है । यदि उनका बच्चा बात-बात पर क्रोधित होता है तो उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है । उन्हें बस एक ही चिंता सताते रहती है कि वे अपने बच्चे के इस क्रोध करने की प्रवृत्ति को कैसे सुधारें । ऐसे में उन्हें कुछ समझ नहीं आता है कि वे अपने बच्चे के इस व्यवहार के लिए क्या करें । बच्चों में गुस्सा प्रकट करने की यह आदत बहुत आम है । एक निर्धारित उम्र के बच्चों में यह प्रवृत्ति आ जाती है । लेकिन आप इससे बिल्कुल भी ना घबराएँ । आइए बात करते हैं 10 Tips to control babies anger/बच्चों के गुस्से को नियंत्रित करने के 10 उपाय –
- स्वयं शांत रहें –
जब भी आपका बच्चा गुस्सा करे सबसे पहले आप स्वयं शांत रहें । जब तक आप में संयम नहीं रहेगा आपका बच्चा भी शांत नहीं होगा । बच्चे हर चीज अपने माता- पिता से ही सीखते हैं । यदि उसके साथ आप भी गुस्सा करेंगे तो उसमें भी कभी संयम की भावना नहीं आएगी । आज के इस भागदौड़ वाली ज़िंदगी में चारों तरफ परेशानियाँ ही हैं । आजकल प्राय: माता-पिता working/ कामकाजी हैं । दिन भर की थकान के बाद अभिभावक प्राय: अपने बच्चों की किसी गलती पर नाराज होकर चिल्ला देते हैं । इसतरह का वर्ताव सरासर गलत है । आपको ऐसा करते देखकर आपका बच्चा भी यही सिखेगा । वह भी आपके साथ ऐसा ही व्यवहार करने लगेगा ।


- ध्यान भटका दें –
जब आपका बच्चा क्रोधित हो तुरंत उसका ध्यान भटकाने की कोशिश करें । उसके साथ दूसरी बातें करें । कई बार चीजें नहीं मिलने पर बच्चे रोने तथा चिल्लाने लगते हैं । यदि हम उनका ध्यान भटका दें तो वे बहुत ही आसानी से शांत हो जाएंगे । इसके साथ ही उनका क्रोध भी गायब हो जाएगा ।
- भरपूर समय दें –
अपने बच्चे को भरपूर समय दीजिए । कई बार बच्चे बड़ों का ध्यान खींचने के लिए भी गुस्सा करने लगते हैं । जब लोग उनपर ध्यान नहीं दे रहे होते हैं तब वे गुस्सा दिखाकर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं । इसलिए जरूरी है कि अपने बच्चे को भरपूर समय दिया जाए । उसे यह न लगे कि उसपर कोई ध्यान नहीं देता है ।

- हिंसक प्रवृत्ति से बचें –
अपने बच्चे पर किसी भी कीमत पर हाथ मत उठाइए । बच्चों का हृदय कोमल होता है । मारने – पीटने से वे हिंसक प्रवृत्ति के बन जाते हैं । वे कभी भी आपकी इज़्ज़त नहीं करेंगे बल्कि आपके प्रति उनके मन में डर पैदा हो जाएगा । अपनी छोटी-छोटी गल्तियों को आपसे छुपाने लगेंगे । फलस्वरूप आपके ऐसे वर्ताव से उनके दिमाग पर बुरा असर पड़॓गा ।

- शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान दें –
अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा Physical activities/ शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें । उनसे रोजाना व्यायाम करवाएँ । ज्यादा से ज्यादा खेल-कूद करवाएँ । Sports/ खेल – कूद या exercise/ व्यायाम करने वाले बच्चों को गुस्सा कम आता है । कुछ बच्चे दिन- भर टीवी या मोबाइल में लगे रहते हैं । इससे उनका दिमाग कभी भी विकसित नहीं होगा । इसलिए जरूरी है उनसे ज्यादा से ज्यादा भाग-दौड़ वाले खेल खेलने के लिए प्रेरित करें । इसके साथ ही उनसे Meditation/ ध्यान भी करवाएँ । ध्यान करने से भी गुस्सा कम आता है ।
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- नींद पूरी होने दें –
बच्चे की भरपूर मात्रा में नींद अत्यंत आवश्यक है । बच्चा पर्याप्त मात्रा में नींद लेगा तो उसका मन भी शांत रहेगा । यदि बच्चे की नींद ना पूरी हो तो वह पूरे दिन चिड़चिड़ाए रहता है और रोते रहता है । बात – बात पर गुस्सा भी दिखाता है । इसलिए आवश्यक है कि उसे रात में जल्दी सुला दें ।


- अत्यधिक अनुशासित न हों –
बच्चों पर अत्यधिक discipline/ अनुशासन भी न रखें । उनके साथ खेलें तथा उन्हें ढ़॓र सारा प्यार दें । उनके साथ चित्र बनाएँ, इंडोर गेम्स इत्यादि करवाएँ । कहने का तात्पर्य है कि अपने बच्चे के साथ एक मित्र की तरह रहें ।
- स्वास्थ्य पर ध्यान दें –
बच्चे के health/ स्वास्थ्य पर अत्यंत ध्यान दें । कमज़ोर बच्चों को गुस्सा जल्दी आता है । अपने बच्चे के गुस्से को नियंत्रण करने में भोजन की अहम भूमिका होती है । उन्हें जहाँ तक सम्भव हो ताजा पकाया हुआ भोजन ही देना चाहिए । कोल्ड स्टोरेज में रखा भोजन नहीं खाना चाहिए । इसके साथ ही चिप्स के बदले फल का आनंद लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें । भोजन का दिमाग पर सीधा प्रभाव पड़ता है । इसलिए बच्चे को समय पर भोजन का सेवन कर लेना चाहिए । इससे उनके स्वभाव या दृष्टिकोण पर एक निश्चित प्रभाव पड़ता है ।

- सराहना करें –
यदि बच्चा अच्छा काम करे तो दूसरों के सामने उसकी प्रशंसा करें । इससे उसे लगेगा कि लोग उसके अच्छे कामों को भी ध्यान देते हैं न कि केवल बद्माशियों को । इसलिए उसकी सराहना करते रहना चाहिए ।
- आक्रामकता से बचें –
यदि आपका बच्चा Aggressive/ आक्रामक है तो अपनी खुद की जीवन-शैली देखें । आपको इस बात का हर समय ध्यान देना होगा कि आप अपने आस – पास के लोगों पर आक्रामक व्यवहार ना करें । वयस्क और बच्चे दोनों के लिए समान नियमों को लागू करने की आवश्यकता है । अपने बच्चे के सामने किसी भी इंसान पर गुस्सा ना दिखाएँ ।

अंत में मैं यही कहना चाहती हूँ कि आप अपने व्यवहार में शालीनता लाइए । आपका बच्चा स्वयं शालीन प्रवृत्ति का बन जाएगा । अत: आप 10 Tips to control babies anger/बच्चों के गुस्से को नियंत्रित करने के 10 उपाय पर ध्यान दें । इन उपायों पर ध्यान देने से आपका बच्चा जल्दी ही अपने गुस्से पर नियंत्रण करना सीख जाएगा ।
आपको मेरा लेख 10 Tips to control babies anger/बच्चों के गुस्से को नियंत्रित करने के 10 उपाय कैसा लगा कृपया कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएँ । इसके साथ ही आप यदि कोई सुझाव देना चाहते हैं तो वह भी दे सकते हैं ।
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